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BHRIGU BABA TEMPLE BALLIA AND FOLLOWER SANTOSH PRATAP SINGH SAMAJWADI PARTY LEADER



 Santosh pratap Singh from sahatwar BALLIA and LOKESABHA candidate from ballia lokesabha seat is very keen to visit the temple of the Bhrigu Mandir ballia the historical context and history of the ballia Uttar Pradesh.

The place of Bhrigu RISHI which has the respect of the Indian Hindu sanatan dharma who had examine between all God about who has supremo power to control the world.







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आधुनिक भारत में लोकतंत्र के संस्थापक एवं पथ प्रदर्शक थे नेहरू ‐- संतोष प्रताप सिंह लोक सभा बलिया के भावी उम्मीदवार ने किया समर्थन

 27 मई 1964 - पुण्य स्मृति  आधुनिक भारत में लोकतंत्र के संस्थापक एवं पथ प्रदर्शक थे नेहरू ‐-    मनोविज्ञान और मनोविश्लेषण की भाषा में जवाहरलाल नेहरू पूर्णतः अपने पिता के पुत्र थे, जबकि- गांधी जी अपनी माता की संतान थे। जवाहर लाल नेहरू ने अपने पिता मोतीलाल नेहरू से स्वतंत्रता, साहस की भावना, जोखिम उठाने की क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति, अविचल संकल्प और अभिजात्य संस्कार विरासत में पाया था। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने गए जवाहरलाल नेहरू ने लगभग सात वर्ष इंग्लैड में व्यतीत किया। इस दौरान वह ब्रिटेन में प्रचलित मानववादी उदारवाद की परम्पराओं की तरफ आकर्षित हुए और इन परम्पराओं को हृदयंगम कर लिया। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के सुविख्यात शिक्षक और सुप्रसिद्ध राजनीतिक विचारक हेराल्ड लाॅस्की के प्रिय शिष्यों में रहे जवाहरलाल नेहरू जार्ज बर्नार्ड शॉ और बर्ट्रेण्ड रसल के विचारों से बहुत प्रभावित थे। विश्व, ब्रहमांड और समाज को समझने- परखने में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने वाले जवाहरलाल नेहरू जैसे-जैसे भारतीय स्वाधीनता संग्राम में मुखर होते गए वैसे- वैसे उनकी स्वतंत्रता...

बलिया। हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन एवं उनके 72 साथियों की शहादत के याद में 25सफर रविवार को निकाला गया शिया मस्जिद से जुलूस

 बलिया।  हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन एवं उनके 72 साथियों की  शहादत के याद में 25सफर रविवार  को अंजुमन हाशमीमियां विशुनीपुर के तत्वावधान में 41 वां जुलूसे चेहल्लुम स्व.मुनीर हसन जैदी के प्राचीन इमाम बारगाह से शिया समुदाय के लोगों  द्वारा निकाला गया। इसके पूर्व इमाम बारगाह में मजलिसे अज़ा को सम्बोधित करते हुए अल्लामा आज़ीम जौरासी ने कहा कि हर वर्ष अरबयीन (इमाम हुसैन के चेहल्लुम) में शामिल होने वाले लोगों केवल हुसैनी समाज के ही लोग शहीदाने कर्बला के प्रति दुख व्यक्त करने के लिए कर्बला नहीं पहुंचे थे, बल्कि हर समाज हर बिरादरी के लोग पहुचते है।जो इस बात को दर्शाता है कि इमाम हुसैन का पैगामे इन्सानियत  हर जाति धर्म के लोगों में अपनी जगह बना चुका है। उन्होंने कहा कि हमें जुल्म का  नहीं बल्कि मजलूम के साथ हमेशा खड़ा रहना चाहिए। वाकेयाते कर्बला त्याग, बलिदान और अंहिसा की सीख देता है। उनके इस मैसेज को पूरी दुनिया में आपसी भाईचारे और जज्बे को फैलाना है।हम हुसैनी है तो हमारी पहचान भी इमाम के रास्ते पर चलते रहना और पैगंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद के दीन...

Nandlal Gupta sucide case old now all accused are free now family of nandlal is forgotten

 One month back the online Facebook live sucide case of nandlal Gupta was the topic of discussion,  many senior leader of many parties came fight against the accused and supported nandlal Gupta family even akhilesh yadav also had visited the house of nandlal Gupta  But few month latter the case is in court many criminals and accused got bail from court and people also forgot as usual.