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ग्राम न्यायालय के विरोध में वकीलों ने कलेक्ट्रेट में फूंका क़ानून मंत्री का पुतला

 ग्राम न्यायालय के विरोध में वकीलों ने कलेक्ट्रेट में फूंका क़ानून मंत्री का पुतला 

बलिया: दी सिविल बार एसोसिएशन तथा क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन की संयुक्त आम सभा की बैठक क्रिमिनल बार के सभागार में आयोजित की गई. इस दौरान अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय के विरोध में गठित संघर्ष समिति आजमगढ़ के निर्देशानुसार केंद्र और राज्य सरकार के क़ानून मंत्री का पुतला कलेक्ट्रेट परिसर में दहन किया.

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के नीतियों के चलते ग्राम न्यायालय लागू करने का काम किया है. इसके विरोध में जिले के वकीलों में आक्रोश व्याप्त है. कहा कि हम केंद्र सरकार की ऐसी नीतियों का हम पूर्णरूपेण विरोध करते हैं. सरकार द्वारा पारित इस आदेश के खिलाफ पुतला दहन कर हम अपना आक्रोश प्रदर्शित कर रहे हैं. इस मौके पर केंद्र तथा प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का जोरदार विरोध किया गया. इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि किसी भी सूरत में ग्राम न्यायालय की स्थापना हम नहीं होने देंगे. सिविल बार के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार दुबे ने कहाकि केंद्र हो या राज्य सरकार काला कानून किसी भी सूरत में लागू नहीं कर सकती अगर ग्राम न्यायालय के नाम पर इस तरह का एक्ट पारित किया गया तो उस समय क्यों नहीं लागू किया गया. आखिर वर्तमान परिवेश में ग्राम न्यायालय की स्थापना की कौनसी जरूरत पड़ गई. क्रिमिनल बार के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि हर हाल में सरकार का ही नुकसान होना है. ऐसे में सरकार को अपने पूर्व के निर्देशों को वापस लेना होगा. अन्यथा की दशा में हम सरकार का हर मंच पर विरोध करेंगे आने वाले लोकसभा चुनाव में भी इसका विरोध किया जाएगा इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज राय हंस ने कहा कि सरकार अगर चेती तो हम आने वाले लोकसभा चुनाव में सरकार के खिलाफ बटन दबाएंगे. इस मौके पर बार के महासचिव अनिल कुमार मिश्रा, कुबेर नाथ पांडेय, सत्येंद्र कुमार सिंह, कमलेश यादव, श्री शंकर राम फौजदार, अखिलेश सिंह, वरुण पाण्डेय, सोनू गुप्ता, उमाशंकर तिवारी, अभिषेक मिश्रा, विवेकानंद पांडेय, संजय राव आदि मौजूद रहे.







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