इस साल बलिया के शिया मस्जिद में हुशेन साहब के जन्म दिन पर मुस्लिम धर्म गुरु की प्रवचन कराई गई, खुशियों के साथ धार्मिक कवि सम्मेलन कार्यक्रम में जिले भर से आये कलाकार तथा शिया समाज के लोग। इस विशेष आयोजन में संतोष जी थे मुख्य अतिथि, जब संतोष जी का जन्म दिन पुच्छा गया तो तारीख़ निकला 24 फरवरी यह सुनकर सभी लोग चौंक गए , आखिर संतोष जी का जन्म 24 फरवरी है और उन्हें ही मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया क्या यस सिर्फ इत्तिफाक है या खुदा का फैसला, सभी लोगों ने संतोष जी को जन्मदिन की बधाइयाँ और शुभकामनाएं भी दिया ।
आधुनिक भारत में लोकतंत्र के संस्थापक एवं पथ प्रदर्शक थे नेहरू ‐- संतोष प्रताप सिंह लोक सभा बलिया के भावी उम्मीदवार ने किया समर्थन
27 मई 1964 - पुण्य स्मृति आधुनिक भारत में लोकतंत्र के संस्थापक एवं पथ प्रदर्शक थे नेहरू ‐- मनोविज्ञान और मनोविश्लेषण की भाषा में जवाहरलाल नेहरू पूर्णतः अपने पिता के पुत्र थे, जबकि- गांधी जी अपनी माता की संतान थे। जवाहर लाल नेहरू ने अपने पिता मोतीलाल नेहरू से स्वतंत्रता, साहस की भावना, जोखिम उठाने की क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति, अविचल संकल्प और अभिजात्य संस्कार विरासत में पाया था। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने गए जवाहरलाल नेहरू ने लगभग सात वर्ष इंग्लैड में व्यतीत किया। इस दौरान वह ब्रिटेन में प्रचलित मानववादी उदारवाद की परम्पराओं की तरफ आकर्षित हुए और इन परम्पराओं को हृदयंगम कर लिया। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के सुविख्यात शिक्षक और सुप्रसिद्ध राजनीतिक विचारक हेराल्ड लाॅस्की के प्रिय शिष्यों में रहे जवाहरलाल नेहरू जार्ज बर्नार्ड शॉ और बर्ट्रेण्ड रसल के विचारों से बहुत प्रभावित थे। विश्व, ब्रहमांड और समाज को समझने- परखने में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने वाले जवाहरलाल नेहरू जैसे-जैसे भारतीय स्वाधीनता संग्राम में मुखर होते गए वैसे- वैसे उनकी स्वतंत्रता...



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