Skip to main content

Posts

समकालीन सियासत और उसके प्रभाव लेखक वरिष्ठ वकील श्री रंजीत सिंह

 समकालीन सियासत और उसके प्रभाव। (Contemporary politics and it's effect.) --------------                मौजूदा सियासत अखण्ड पाखण्ड लोक की बुनियाद मजबूत करने में लिप्त है। समाज की मूल प्रकृति पर इसका गहरा असर होता दिख रहा है। पूंजीवाद और पाखण्ड का चोली -दामन का रिश्ता है। यही वजह है कि मौजूदा सियासी नुमाइंदों को पूंजीवाद में ही मुक्ति का मार्ग दिखता है। वैसे तो आजादी से लेकर आज तक नेहरू के अलावे भारत का शासक वर्ग कमोवेश पूंजीवादी 'आनन्द लोक ' का मुरीद रहा है। पाखण्ड के फैलाव की वजह से सियासत के भीतर नैतिक मूल्यों का इस क़दर पतन हो चुका है कि शासक वर्ग और सियासी दलों की निगाह में जनता अब नागरिक नहीं महज़ 'वोट' (Vote) है। सन् 1991ई० के बाद बाजार जनित सियासत का सियासी सफर लागत -लाभ - विश्लेषण (Cost Benefit Analysis) की तर्ज पर टिकी बाजार के मुताबिक लोकतंत्र में वोट का बाजार खड़ा कर दिया है। इसलिए कथित चुनी हुई सरकारों को बनाने - बिगाड़ने में पूंजी की अहम भूमिका हो चली है। बाजारवादी अर्थ नीति ने जिस तरह की सियासत गढ़ी है, वह सम्यक लोकतंत्र नहीं हो ...

कम्युनिटी पुलिस द्वारा आकस्मिक घटना से निपटने की जागरूकता बताई गई

 *Place*--- Ballia *Report* S.Asif Hussain zaidi. *Mo*-8808101134  कम्युनिटी पुलिस द्वारा आकस्मिक घटना से निपटने की जागरूकता बताई गई। *Anchor* खबर यूपी के बलिया से है जहां टाउन हॉल में पुलिस अधीक्षक  बलिया राजकरन नय्यर के निर्देशन में भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो-जो सेवाएं पुलिस विभाग द्वारा दी जा रही हैं उसे कम्युनिटी पुलिस के माध्यम से जिले के गणमान्य व्यक्तियों वह महिलाओं की मौजूदगी में आपातकालीन स्थिति में कैसे निपटें बताया गया। बता दें कि भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार के पुलिस विभाग द्वारा जो जो सेवाएं दी जा रही हैं चाहे वह हेल्पलाइन 112 हो या, विभिन्न हेल्पलाइन नंबर के बारे में , व ट्रैफिक नियम के बारे में, साइबर क्राइम से कैसे बचा जाए और अग्निशमन विभाग द्वारा आपातकालीन स्थिति को कैसे निपटा जाए, इसके साथ साथ महिला आरक्षी द्वारा महिलाओं पर आपात स्थिति में सेल्फ डिफेंस कैसे करें,  कैसे बचे बताकर तो वहीँ अचानक आई आकस्मिक स्थिति में कैसे बचे ,बताया गया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी एसएन वैभव पांडे,  एसएसओ राजीव सिंह, संजय शुक्ला प्रभारी साइबर सेल, ...

टैगोर जी की लिखी गई वह लाईन ऐकला चलो रे करोड़ों लोगों को प्ररेणा आज भी देती है

 7 मई- जन्मदिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं- भारतीय मेधा और साहित्य के वैश्विक प्रतिनिधि थे टैगोर-   कवि, दार्शनिक, शिक्षाविद, उत्कट देशभक्त, सर्वश्रेष्ठ मानवतावादी, प्रकृतिवादी, उच्च कोटि के पर्यावरणविद तथा विश्व बंधुत्व और विश्व नागरिकता के प्रखर समर्थक रबिन्द्र नाथ टैगोर भारत की साहित्यिक , सांस्कृतिक , दार्शनिक और आध्यात्मिक आत्मा के अपने दौर के सर्वश्रेष्ठ अधिवक्ता थे। वह भारतीय मेधाशक्ति और ज्ञान-प्रज्ञा की महान परंपरा के रूप मे महाकवि कालिदास, माघ, जयदेव, सूरदास, सैयद इब्राहीम रसखान, और तुलसीदास की परम्परा के अपने समकालीन ध्वजवाहक थे। योगीराज भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी की स्वरलहरियों जैसी उनकी वाणी और लेखनी में अद्भुत सम्मोहन शक्ति थी। इकलौते रबिन्द्र नाथ टैगोर भारतीय बसुन्धरा के विरले लेखक और कवि हैं जिनके लेख सम्पूर्ण बंगाली जनमानस के हृदय में समाहित है और उनके गीत हर बंगाली मन मस्तिष्क में हमेशा तरोताजा रहते हैं। अपने दौर की सारी संकीर्णताओं और दकियानूसी ख्यालों से आगे बढ़ कर रबिन्द्र नाथ टैगोर ने वैश्विक और  मानवतावादी अंतर्दृष्टि अपनाते हुए अपनी साहित्यिक सर्...

बलिया की जनता को बीजेपी के उम्मीदवार मिठाई लाल की मिठाई सब से ज्यादा पसंद आईं

बलिया नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर बीजेपी के उम्मीदवार मिठाई लाल की जीत ने शाबीत कर दिया है की बीजेपी और संघ परिवार का दबदबा बाग़ी बलिया में क़ायम है जो देश भर में धीरे-धीरे कम हो  रहा है । अभी  देश भर में कर्नाटक का चुनाव चर्चा का विषय है कि कांग्रेस पार्टी ने भारी मतों से बीजेपी और संघ परिवार को हराया है । आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की लहर ही चलेगी ऐसा मीडिया रिपोर्ट है   

पिता की गोद में तड़पते बच्चे को देख मौजूद सभी की आंखें नम हुई

 *Location* *Ballia* *Report*- S.Asif Hussain zaidi. *Mobile No-- 8808101134*  पिता की गोद में तड़पते बच्चे को देख मौजूद सभी की आंखें नम हुई। बलिया- खबर एक मजबूर पिता कि है , पिता अपनी ही गोद में अपने   दर्द से तड़पते मासूम बच्चे को देखने को मजबूर है। खबर बलिया के बांसड़ीह थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर गांव के  निवासी मदन राठौर कि है मदन अपने बच्चे की पीड़ा को दूर करने के लिए दर-दर भटक रहा है, बच्चे की आंखें मे एक बड़ा फोडा़ है, जिसके ईलाज के लिए  मजबूर परिवार  पैसे के अभाव में अपने पिडी़त बेटे  का इलाज नहीं करा पा रहा है। आप सोच सकते हैं  बीमार बच्चा जब तड़पता होगा  तो मां-बाप पर क्या बितती  होगी।  गंभीर बीमारी पैसे के अभाव में इलाज के बिना परिवार   दर-दर भटकने पर मजबूर है। एक बाप अपने बीमार बच्चे को लेकर दर-दर भटक रहा है ऐसी बीमारी जिसके इलाज के लिए ढेर सारे पैसे कि जरुरत है। पैसे के अभाव के कारण आंख में हुए फोड़े के  दर्द से  तडपते  अपनें बच्चे को देखने पर मजबूर है, लेकिन चाह कर भी अपने बेटे को दर्द से...

बलिया नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी की हार का कारण पार्टी में गुटबाज़ी

 13 तारीख को उतर प्रदेश से निकाय चुनाव का परिणाम आया तब जनता को  बहुत आश्चर्य हुआ कि बीजेपी ने सभी महत्वपूर्ण शहरों के पंचायतों, परिषद और शहरों के मेयर पदों पर बीजेपी सरकार के प्रभाव से बीजेपी पार्टी ने ही जीता या कब्जा कर लिया है । उत्तर प्रदेश में विपक्षियों के हार का एक कारण समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओ में आपस में गुटबाज़ी, पार्टी के उम्मीदवार का विरोध और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने से भी हुआ है इसका उदाहरण बलिया ज़िले में हुए कई नगर पालिका परिषद में दिखाई पडा,  जहाँ समाजवादी पार्टी के नेता मजबूती से लड़े वह सीट समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने  जीता । सहतवार,  बासडीह,  मनियर आदि नगर पालिका समाजवादी पार्टी के नेताओ ने जीता वही बलिया सदर विधान सभा में बलिया नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार हार गया,  कारण निर्दलीय प्रत्याशी जो समाजवादी पार्टी का ही नेता था समाजवादी पार्टी के विरोध में सब से आगे था । शायद समाजवादी पार्टी के अंदर अनुशासन की कमी ही संघटन को कमजोर कर रही है हालांकि पार्टी ने उम्मीदवार और...

बलिया वार्ड नंबर 23 से निर्दल प्रत्याशी परवेज़ को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन ने बलिया का लाल बना दिया

बलिया वार्ड नंबर 23 से निर्दल प्रत्याशी परवेज़ को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन ने बलिया का लाल बना दिया   भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी देश की आजादी के लिये लडो और मरो का नारा दिया था जहाँ शहीदे आजम भगत सिंह जी के विचारों वाला नेता पैदा करने की क्षमता है वही आज धन दौलत की राजनीति में परवेज आलम जैसा कम्युनिस्ट भी दर्जी का काम करते हुए भी लोकतंत्र बचाओ अभियान को आगे बढ़ाते हुए सभासद के चुनाव में मैदान में  है । गरीब दिहाडी मजदूर दर्जी समाज का आईना परवेज़ भाई को चुन कर इतिहास लिखने के लिए बलिया की जनता को आगे आना चाहिए ताकी लोकतंत्र को बचाया जा सके और देश भर में  भाईचारा स्थापित किया जा सके